कमजोर स्मरणशक्ति के कारण, लक्षण और उपचार – Kamjor Smarnshakita Ke Karan Lakshan Aur upchar

कमजोर स्मरणशक्ति के कारण व लक्षण

जिन व्यक्तियों के मस्तिष्क और स्नायु दुर्बल हो जाते हैं, उनकी स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है, कुछ याद नहीं रहता तथा स्वभाव से वे भुलक्कड़ हो जाते हैं। विद्यार्थियों की भी यह आम समस्या है कि उन्हें पढ़ा हुआ भली-भांति याद नहीं रहता और याद रहता है तो कुछ ही समय तक।

उपचार

सेव : सेव के सेवन से स्मरण शक्ति बढ़ जाती है। इसके लिए एक या दो सेव बिना छिलके उतारे चबा चबाकर भोजन से 15 मिनट पहले खाना चाहिए। यह मस्तिष्क को शक्ति देने के साथ-साथ रक्त की कमी भी दूर करता है।

लीची : लीची का प्रयोग करते रहने से मस्तिष्क को बल मिलता है।

आंवला : स्मरणशक्ति में वृद्धि के लिए प्रतिदिन प्रातः आंवले का मुरब्बा खाएं।

गाजर : गाजर के रस को गाय के दूध के साथ समान अनुपात में मिलाकर पीने से स्मरणशक्ति में वृद्धि होती है।

चुकंदर : चुकंदर का रस प्रतिदिन पीने से भी स्मरणशक्ति बढ़ती हैं।

आम : दिमाग कमजोरी से होनेवाली स्मरणशक्ति की कमी के लिए एक कप आम का रस, थोड़ा दूध और एक चम्मच अदरक का रस व चीनी मिलाकर पीने से दिमाग में ताजगी का संचार होता है। दूध में आम का रस मिलाकर पीने से भी दिमाग में तरावट आती है।

अखरोट : दिमाग की शक्ति बढ़ाने के लिए प्रतिदिन अखरोट खाएं।

बादाम : बादाम को दिमाग के लिए अमृत के समान माना जाता है। स्मरणशक्ति के विकास के लिए 10 बादाम रात को भिगो दें और सुबह छिलका उतारकर लगभग 10 -12 ग्राम मक्खन और मिश्री के साथ मिलाकर खाएं। लगातार दो माह तक यह मिश्रण खाने से दिमाग की सभी कमजोरियां दूर हो जाती है। यदि ऐसा संभव नहीं हो तो भीगे हुए बादाम की लुगदी बनाकर सेवन करें।

बेल : एक पका हुआ बेलफल का गूदा मिट्टी के सकोरे में डालकर पानी भर दें। ऊपर पतला कपड़ा या छलनी रख दें। सुबह पानी निथारकर मीठा मिलाकर पीएं। दिमाग तरोताजा हो जाएगा। सर्दियों के दिनों में बेल का गूदा मिट्टी के पात्र केे बजाय कलईदार बर्तन या स्टील के पात्र में रखे और उसी समय मसलकर गर्म पानी में शहद के साथ घोलकर पी लें।इसके नियमित प्रयोग से दिमाग की शक्ति अवश्य बढ़ेगी।

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