मदात्य : मदात्य के कारण, लक्षण और उपचार – Mahatta Ke Karan Lakshan Aur Upchar

मदात्य के कारण व लक्षण

शराब के अत्याधिक सेवन से उत्पन्न बेहोशी की हालत व नशे की उच्चतम अवस्था को ‘मदात्य’ के नाम से जाना जाता है। मदात्य में स्मरणशक्ति का हास्य, सोचने समझने की शक्ति में कमी, वमन, हृदय पीड़ा, मूर्छा, ज्वर, सीने में दर्द, सिर व पसलियों में तनाव पैदा हो जाता है।

उपचार

ककड़ी या खीरा : प्रभावित व्यक्ति को ककड़ी या खीरा खिलाना चाहिए। कुछ ही समय पश्चात मदात्य में कमी हो जाएगी।

नींबू : नींबू काटकर चूसने के लिए दें। इससे नशा कम हो जाएगा।

सेव : नशे के समय एक सेब खाने से नशा काफी हद तक नियंत्रित हो जाता है। सेव का रस भी लाभदायक रहता है।

इमली : 50 ग्राम इमली आधा किलो पानी में लगभग 2 घंटे भिगोकर रखें, फिर उसे अच्छी तरह मथ लेंं। इसके पश्चात इसमें कोई स्वादानुसार मीठा चीज जैैसे मिश्री, शक्कर मिलाकर छान लें। इस प्रकार तैयार पेय को पीने से मदात्य तुरंत निष्प्रभावी हो जाता है।

 

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