सूर्यावर्त : सूर्यावर्त के कारण, लक्षण और उपचार

सूर्यावर्त के कारण व लक्षण

इस रोग में सूर्योदय के समय आंखों के ऊपर भावों में पीड़ा होनी शुरू हो जाती है। जैसे जैसे दिन बढ़ता जाता है इस पीड़ा में वृद्धि होती जाती है। यह पीड़ा दिन ढलने पर स्वयं ही समाप्त हो जाता है। यह रोग मानसिक कारणों से होता है, अनिच्छा से कोई कार्य करने, जोर-जोर से वार्तालाप करने से भी यह रोग हो जाता है।

उपचार

नारियल : 25 ग्राम नारियल की गिरी लें,और छह ग्राम मिश्री मिला लें। फिर इस मिश्रण को सूर्योदय के समय खाएं। सूर्यावर्त खत्म हो जाएगा।

गाजर : जब भी दर्द की हरारत हो गाजर का रस पीएं तथा बाद में भी लगातार पीएं। इससे सूर्यावर्त का दर्द खत्म हो जाएगा।

बादाम : प्रतिदिन नियमित रूप से बादाम का सेवन किया जाए तो यह रोग कभी नहीं होगा। इसलिए प्रतिदिन बदाम का शरबत बना कर पीना श्रेयस्कर है। बदाम को कच्चा व गलाकर भी खाया जा सकता है।

 

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